Friday, 30 June 2017







Image result for रात चाँद और खिड़की
पिछली रात सोचा था
रखेंगे एक टुकड़ा चाँद का
अपने तकिये के नीचे

सुबह आँख खुली तो
गालों पे अंकित था
पूरा का पूरा चाँद
















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